श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान का मुरारी के घर में वराह रूप में प्रतिष्ठान और नित्यानंद से मिलन  »  श्लोक 95
 
 
श्लोक  2.3.95 
নিত্যানন্দ সঙ্গে চলিলেন ন্যাসি-বর
হেন মতে নিত্যানন্দ ছাডিলেন ঘর
नित्यानन्द सङ्गे चलिलेन न्यासि-वर
हेन मते नित्यानन्द छाडिलेन घर
 
 
अनुवाद
तब श्रेष्ठ संन्यासी नित्यानंद के साथ चले गए। इस प्रकार नित्यानंद ने घर छोड़ दिया।
 
Then the great monks accompanied Nityananda. Thus, Nityananda left home.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)