श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान का मुरारी के घर में वराह रूप में प्रतिष्ठान और नित्यानंद से मिलन  »  श्लोक 93
 
 
श्लोक  2.3.93 
শুনিযা বলিলা পতি-ব্রতা জগন্-মাতা“
যে তোমার ইচ্ছা প্রভু! সেই মোর কথা”
शुनिया बलिला पति-व्रता जगन्-माता“
ये तोमार इच्छा प्रभु! सेइ मोर कथा”
 
 
अनुवाद
अनुरोध के बारे में सुनकर, उस पतिव्रता पत्नी और ब्रह्मांड की मां ने कहा, “प्रिय प्रभु, आप जो भी निर्णय लेंगे, मैं उससे सहमत हूं।”
 
Hearing about the request, that devoted wife and mother of the universe said, “Dear Lord, whatever decision you take, I agree to it.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)