श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान का मुरारी के घर में वराह रूप में प्रतिष्ठान और नित्यानंद से मिलन  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  2.3.92 
ভাবিযা চলিলা বিপ্র ব্রাহ্মণীর স্থানে
আনুপূর্ব কহিলেন সব বিবরণে
भाविया चलिला विप्र ब्राह्मणीर स्थाने
आनुपूर्व कहिलेन सब विवरणे
 
 
अनुवाद
इस प्रकार विचार करने के बाद ब्राह्मण अपनी पत्नी के पास गया और उसे सारी स्थिति विस्तार से बताई।
 
After thinking like this, the Brahmin went to his wife and told her the whole situation in detail.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)