श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान का मुरारी के घर में वराह रूप में प्रतिष्ठान और नित्यानंद से मिलन  »  श्लोक 79
 
 
श्लोक  2.3.79 
সর্ব রাত্রি নিত্যানন্দ-পিতা তাঙ্র সঙ্গে
আছিলেন কৃষ্ণ-কথা-কথন-প্রসঙ্গে
सर्व रात्रि नित्यानन्द-पिता ताङ्र सङ्गे
आछिलेन कृष्ण-कथा-कथन-प्रसङ्गे
 
 
अनुवाद
नित्यानंद के पिता ने पूरी रात संन्यासी के साथ कृष्ण के विषयों पर चर्चा करते हुए बिताई।
 
Nityananda's father spent the entire night discussing matters of Krishna with the sannyasi.
तात्पर्य
उसने संन्यासी को खिलाया और पूरी रात उसके साथ कृष्ण जी की कथाओं पर चर्चा करते हुए बिताई।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)