অন্তর্যামী নিত্যানন্দ, ইহা সব জানে
পিতৃ-সুখ-ধর্ম পালি’ আছে পিতা-সনে
अन्तर्यामी नित्यानन्द, इहा सब जाने
पितृ-सुख-धर्म पालि’ आछे पिता-सने
अनुवाद
परमात्मा होने के नाते, नित्यानंद सब कुछ जानते थे। वे अपने पिता के साथ उनकी प्रसन्नता और कर्तव्य के कारण रहे।
Being the Supreme Being, Nityananda knew everything. He stayed with his father out of his pleasure and duty.
तात्पर्य
ज्यों नित्यानन्द प्रभु स्वयं परमात्मा विष्णु थे, इस कारण वे सब कुछ विस्तार से जानते थे। अपने पिता की खुशी बढ़ाने के लिए, वे सदैव अपने पिता की सेवा में उचित रूप से व्यस्त रहते थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥