श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान का मुरारी के घर में वराह रूप में प्रतिष्ठान और नित्यानंद से मिलन  »  श्लोक 68
 
 
श्लोक  2.3.68 
এই-মত কত-দিন নিত্যানন্দ রায
হাডাই পণ্ডিতের ঘরে আছেন লীলায
एइ-मत कत-दिन नित्यानन्द राय
हाडाइ पण्डितेर घरे आछेन लीलाय
 
 
अनुवाद
इस प्रकार भगवान नित्यानंद कुछ दिनों तक हाड़ाई पंडित के घर में रहकर आनंदमय लीलाओं में लीन रहे।
 
Thus Lord Nityananda stayed for a few days in the house of Hadai Pandit and remained absorbed in blissful pastimes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)