निरन्तर नित्यानन्द स्मरे विश्वम्भर
जानिलेन नित्यानन्द—अनन्त ईश्वर
अनुवाद
विश्वम्भर नित्यानंद को निरन्तर स्मरण करते रहते थे और नित्यानंद, जो अनन्त से अभिन्न हैं, इसे समझ सकते थे।
Vishvambhara constantly remembered Nityananda, and Nityananda, who is one with the infinite, could understand this.
तात्पर्य
निर्त्यनंद के न रहने पर, विश्वंभर लगातार उनके बारे में सोचते थे और उनकी मूल स्थिति को समझा। महाप्रभु श्री Nityananda को परम भगवान, अनंत वासुदेव के रूप में जानते थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥