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श्लोक 2.3.57  |
প্রভু-সঙ্গে মিলিযা সকল ভক্ত-গণ
মহানন্দে অহর্-নিশ করযে কীর্তন |
प्रभु-सङ्गे मिलिया सकल भक्त-गण
महानन्दे अहर्-निश करये कीर्तन |
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| अनुवाद |
| भगवान की संगति में सभी भक्तजन दिन-रात आनन्दपूर्वक पवित्र नामों का जप करते रहते थे। |
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| All the devotees, in the company of the Lord, joyfully chanted the holy names day and night. |
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