श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान का मुरारी के घर में वराह रूप में प्रतिष्ठान और नित्यानंद से मिलन  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  2.3.52 
শুনিযা মুরারি গুপ্ত প্রভুর বচন
বিহ্বল হৈযা গুপ্ত করেন ক্রন্দন
शुनिया मुरारि गुप्त प्रभुर वचन
विह्वल हैया गुप्त करेन क्रन्दन
 
 
अनुवाद
भगवान के वचन सुनकर मुरारी गुप्त भावविभोर हो गए और रोने लगे।
 
Hearing the words of God, Murari Gupta became emotional and started crying.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)