श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान का मुरारी के घर में वराह रूप में प्रतिष्ठान और नित्यानंद से मिलन  »  श्लोक 185
 
 
श्लोक  2.3.185 
সে দন্ত দেখিতে কোথা মুকুতার দাম
সে কেশ-বন্ধন দেখি’ না রহে গেযান
से दन्त देखिते कोथा मुकुतार दाम
से केश-बन्धन देखि’ ना रहे गेयान
 
 
अनुवाद
उनके सुन्दर दाँत देखकर मोतियों का मूल्य कम हो जाता है, तथा उनके बंधे हुए केश देखकर चेतना नष्ट हो जाती है।
 
Seeing his beautiful teeth, the value of pearls diminishes, and seeing his tied hair, consciousness is destroyed.
तात्पर्य
शब्द दाम का अर्थ है "वर्ग"। पद केश-बंधन का अर्थ है चोटी वाला बाल, लेकिन इस मामले में यह ऊपर से गूंथे हुए बालों को संदर्भित करता है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)