श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान का मुरारी के घर में वराह रूप में प्रतिष्ठान और नित्यानंद से मिलन  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  2.3.18 
এক-দিন বরাহ-ভাবের শ্লোক শুনি’
গর্জিযা মুরারি-ঘরে চলিলা আপনি
एक-दिन वराह-भावेर श्लोक शुनि’
गर्जिया मुरारि-घरे चलिला आपनि
 
 
अनुवाद
एक दिन जब भगवान ने वराह की महिमा का श्लोक सुना, तो वे जोर से गर्जना करते हुए मुरारी के घर गए।
 
One day when the Lord heard the verse glorifying Varaha, he went to Murari's house roaring loudly.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)