vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 3: भगवान का मुरारी के घर में वराह रूप में प्रतिष्ठान और नित्यानंद से मिलन
»
श्लोक 179
श्लोक
2.3.179
মহা-ভক্তি-যোগ প্রভু বুঝিযা তাঙ্হার
গণ-সহ বিশ্বম্ভর হৈলা নমস্কার
महा-भक्ति-योग प्रभु बुझिया ताङ्हार
गण-सह विश्वम्भर हैला नमस्कार
अनुवाद
उनकी शुद्ध भक्ति भावना को समझकर विश्वम्भर और भक्तों ने उन्हें प्रणाम किया।
Understanding his pure devotion, Vishvambhar and the devotees bowed to him.
तात्पर्य
उनके शुद्ध भक्तिभाव को देखकर, गौरहरि और उनके अनुचरों ने नित्यानंद को प्रणाम किया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×