श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान का मुरारी के घर में वराह रूप में प्रतिष्ठान और नित्यानंद से मिलन  »  श्लोक 176
 
 
श्लोक  2.3.176 
সবা লঞা প্রভু নন্দন-আচার্যের ঘর
জানিযা উঠিল গিযাশ্রী-গৌরসুন্দর
सबा लञा प्रभु नन्दन-आचार्येर घर
जानिया उठिल गियाश्री-गौरसुन्दर
 
 
अनुवाद
श्री गौरसुन्दर सभी भक्तों को नन्दन आचार्य के घर ले गये।
 
Shri Gaurasundar took all the devotees to Nandan Acharya's house.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)