श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान का मुरारी के घर में वराह रूप में प्रतिष्ठान और नित्यानंद से मिलन  »  श्लोक 169-170
 
 
श्लोक  2.3.169-170 
এই অবতারে কেহ গৌরচন্দ্র গায
নিত্যানন্দ-নাম শুনি’ উঠিযা পলায
পূজযে গোবিন্দ যেন, না মানে শঙ্কর
এই পাপে অনেকে যাইব যম-ঘর
एइ अवतारे केह गौरचन्द्र गाय
नित्यानन्द-नाम शुनि’ उठिया पलाय
पूजये गोविन्द येन, ना माने शङ्कर
एइ पापे अनेके याइब यम-घर
 
 
अनुवाद
कुछ लोग इस अवतार में गौरचन्द्र की महिमा का गान करते हैं और नित्यानंद का नाम सुनते ही भाग जाते हैं। यदि कोई गोविन्द की पूजा करता है, किन्तु भगवान शिव का सम्मान नहीं करता, तो इस पाप के परिणामस्वरूप वह यमराज के धाम को जाता है।
 
Some people sing the glories of Gaurachandra in this incarnation and flee at the mention of Nityananda. If someone worships Govinda but does not respect Lord Shiva, this sin leads to the abode of Yamaraja.
तात्पर्य
जैसे बहुत से लोग जो परम प्रभु की आराधना करते हैं, उनके भक्तों की आराधना के प्रति उदासीन रहते हैं और भक्तों के प्रति घृणा पालते हैं और परिणामस्वरूप यमराज द्वारा सजा के पात्र होते हैं, उसी तरह जो लोग गैर-भिन्न हैं, नित्यानंद के लिए श्रद्धा की कमी प्रदर्शित करते हैं। गौरासुंदर के प्रति वफादार रहते हुए बलदेव प्रभु अपराध करते हैं और परिणामस्वरूप दुर्भाग्य और दंड को आमंत्रित करते हैं।

श्री रुद्रदेव श्रेष्ठ वैष्णव हैं। वे एक आचार्य और विष्णु की भक्ति सेवा के शिक्षक हैं, इसलिए जो कोई भी उनका अपमान करता है, वह कोई लाभ प्राप्त नहीं करता है। जिस प्रकार विष्णुस्वामी की शिष्य परंपरा महादेव से उत्पन्न हुई है, उसी प्रकार श्री नित्यानंद की कृपा से इस संसार में शुद्ध भक्ति सेवा का प्रचार किया गया है।

आराध्य गोविंदम

तदियन्न नरचयेतु यःन

स भगवतो ज्ञेयः केवलम

दांभिकः स्मृतः

"जो भगवान गोविंद की उपासना करता है पर उनके भक्तों की उपासना करने में विफल रहता है, उसे भगवान का भक्त नहीं बल्कि केवल मिथ्या अभिमान का शिकार समझा जाना चाहिए।"

अविभाजित परम सत्य, व्रजेंद्र-नंदन और उनके भक्त एक हैं, जैसे ऊर्जा और ऊर्जाशील के बीच कोई अंतर नहीं है। जो लोग भगवान विष्णु और वैष्णवों के बीच अंतर करने की कोशिश करते हैं, उनके पास किसी भी तरह का सौभाग्य प्राप्त करने की कोई संभावना नहीं है।

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)