দুই মহা-ভাগবত প্রভুর আদেশে
সর্ব-নবদ্বীপ চাহি’ বুলযে হরিষে
दुइ महा-भागवत प्रभुर आदेशे
सर्व-नवद्वीप चाहि’ बुलये हरिषे
अनुवाद
भगवान के आदेश पर, दोनों महाभागवतों ने पूरे नवद्वीप में प्रसन्नतापूर्वक खोज की।
At the Lord's command, the two Mahabhagavatas happily searched throughout Navadvipa.
तात्पर्य
हरिदास ठाकुर और श्रीवास पंडित दोनों महाभागवत हैं। श्री गौरासुंदर की इच्छा से वे नवद्वीप के सभी गांवों में श्री मायापुर से शुरू होकर उस महान व्यक्तित्व की तलाश करने लगे जो प्रभु के स्वप्न में प्रकट हुए थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥