श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान का मुरारी के घर में वराह रूप में प्रतिष्ठान और नित्यानंद से मिलन  »  श्लोक 159
 
 
श्लोक  2.3.159 
পূর্বে আমি বলিযাছোঙ্ তোমা সবার স্থানে
’কোন মহাজন সনে হৈব দরশনে’
पूर्वे आमि बलियाछोङ् तोमा सबार स्थाने
’कोन महाजन सने हैब दरशने’
 
 
अनुवाद
“मैंने आपको पहले ही सूचित कर दिया है कि हम जल्द ही एक महान व्यक्तित्व से मिलेंगे।
 
“I have already informed you that we will soon meet a great personality.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)