श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान का मुरारी के घर में वराह रूप में प्रतिष्ठान और नित्यानंद से मिलन  »  श्लोक 149
 
 
श्लोक  2.3.149 
হাসিযা আমরে বলে, ’এই ভাই হয
তোমায আমায কালি হৈব পরিচয’
हासिया आमरे बले, ’एइ भाइ हय
तोमाय आमाय कालि हैब परिचय’
 
 
अनुवाद
वह मुस्कुराया और बोला, 'मैं तुम्हारा भाई हूँ। कल हम मिलेंगे।'
 
He smiled and said, "I am your brother. We will meet tomorrow."
तात्पर्य
''वह मुस्कुराया और मुझे कहा,'मैं आपका भाई हूँ। कल हम एक दूसरे को अच्छे से जानेंगे।''
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)