তাল-ধ্বজ এক রথ—সṁসারের সার
আসিযা রহিল রথ—আমার দুযার
ताल-ध्वज एक रथ—सꣳसारेर सार
आसिया रहिल रथ—आमार दुयार
अनुवाद
“ताड़ वृक्ष से अंकित ध्वज से सुशोभित एक रथ, जो सभी लोगों को जीवन का सार प्रदान करने में निपुण था, मेरे द्वार पर आया।
“A chariot adorned with a flag inscribed with a palm tree, capable of providing the essence of life to all people, came to my door.
तात्पर्य
अपने स्वप्न के विषयों की व्याख्या करने के बहाने गौरासुंदर ने कहा, "मैंने देखा कि श्री बलदेव प्रभु का रथ जिस पर ताड़ के पेड़ का चिह्न अंकित ध्वज है, मेरे दरवाजे पर आया है। ताड़ के पेड़ के चिह्न वाले ध्वज से सुशोभित यह रथ इस भौतिक संसार की गैर-जरूरी चीजों से मुक्ति दिलाता है और जीवन का सार प्रदान करता है। इस भौतिक दुनिया में, सब कुछ अस्थायी है, लेकिन जो लोग ताड़ के पेड़ के चिह्न वाले ध्वज से सुशोभित बलदेव के रथ से आकर्षित होते हैं, वे इस दुनिया की आवश्यक वस्तुओं से आकर्षित होने के योग्य हैं। ताड़ के पेड़ के चिह्न वाले ध्वज से सुशोभित रथ की ऊंचाई अतुलनीय है, जैसे ताड़ का पेड़ अन्य पेड़ों से ऊंचा होता है। उसी तरह, उस ध्वज पर चिह्नित ताड़ के पेड़ की तुलना में सशर्त आत्माओं का मानसिक रथ छोटा है। बलदेव के रथ के शीर्ष पर चिह्नित ताड़ का पेड़ फलों से सुशोभित है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥