श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान का मुरारी के घर में वराह रूप में प्रतिष्ठान और नित्यानंद से मिलन  »  श्लोक 141
 
 
श्लोक  2.3.141 
সবাকার স্থানে প্রভু কহেন আপনে
“অজি আমি অপরূপ দেখিলুঙ্ স্বপনে
सबाकार स्थाने प्रभु कहेन आपने
“अजि आमि अपरूप देखिलुङ् स्वपने
 
 
अनुवाद
प्रभु ने सभी से कहा, “आज मैंने स्वप्न में कुछ अद्भुत बात देखी है।
 
The Lord said to everyone, “Today I saw something amazing in my dream.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)