श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 96
 
 
श्लोक  2.28.96 
হেন প্রভু নবদ্বীপ ছাডিল যখন
আর কেনে আছে আমাঽ-সবার জীবন”
हेन प्रभु नवद्वीप छाडिल यखन
आर केने आछे आमाऽ-सबार जीवन”
 
 
अनुवाद
“जब भगवान नवद्वीप छोड़ चुके हैं, तो हम क्यों जीवित रहें?”
 
“When the Lord has left Navadvipa, why should we live?”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)