श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  2.28.92 
তখনে সে ঽহায হাযঽ করে সর্ব-লোক
পরম নিন্দক পাষণ্ডী ও পায শোক
तखने से ऽहाय हायऽ करे सर्व-लोक
परम निन्दक पाषण्डी ओ पाय शोक
 
 
अनुवाद
लोगों का विलाप सुनकर अपराधी और नास्तिक भी दुःखी हो गए।
 
Even the criminals and atheists became sad after hearing the lamentations of the people.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)