श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 88
 
 
श्लोक  2.28.88 
কত-ক্ষণে ভক্ত-গণ হৈঽ কিছু শান্ত
শচী-দেবী বেডি সব বসিলা মহান্ত
कत-क्षणे भक्त-गण हैऽ किछु शान्त
शची-देवी वेडि सब वसिला महान्त
 
 
अनुवाद
कुछ समय बाद भक्तगण कुछ शांत हुए और माता शची के चारों ओर बैठ गए।
 
After some time the devotees calmed down and sat around Mother Shachi.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)