श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 82
 
 
श्लोक  2.28.82 
অনাথের নাথ প্রভু গেলেন চলিযা আমা
ঽ-সবে বিরহ-সমুদ্রে ফেলাইযা”
अनाथेर नाथ प्रभु गेलेन चलिया आमा
ऽ-सबे विरह-समुद्रे फेलाइया”
 
 
अनुवाद
"दुःखियों के प्रभु ने हमें छोड़ दिया है और हमें शोक के सागर में फेंक दिया है।"
 
"The Lord of sorrows has abandoned us and cast us into the ocean of grief."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)