श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 80
 
 
श्लोक  2.28.80 
যে ভক্ত আইসে প্রভু দেখিবার তরে
সেই-ই আসিঽ ডুবে মহা-বিরহ-সাগরে
ये भक्त आइसे प्रभु देखिबार तरे
सेइ-इ आसिऽ डुबे महा-विरह-सागरे
 
 
अनुवाद
भगवान के दर्शन के लिए आये सभी भक्त विरह के सागर में डूब गये।
 
All the devotees who came to see God drowned in the ocean of separation.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)