श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 79
 
 
श्लोक  2.28.79 
সম্বরণ নহে ভক্ত-গণের ক্রন্দন
হৈল ক্রন্দন-ময প্রভুর ভবন
सम्वरण नहे भक्त-गणेर क्रन्दन
हैल क्रन्दन-मय प्रभुर भवन
 
 
अनुवाद
भगवान का घर भक्तों के अनियंत्रित क्रंदन से गूंज उठा।
 
The house of God echoed with the uncontrolled cries of the devotees.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)