श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 78
 
 
श्लोक  2.28.78 
আচম্বিতে কেনে হেন হৈল বজ্রপাত”
গডাগডিঽ যায কেহ করে আত্মঘাত
आचम्बिते केने हेन हैल वज्रपात”
गडागडिऽ याय केह करे आत्मघात
 
 
अनुवाद
“यह बिजली अचानक क्यों गिरी है?” ऐसा कहते हुए, उनमें से कुछ लोग ज़मीन पर लोटने लगे और कुछ ने अपनी छाती पीट ली।
 
"Why did this lightning strike suddenly?" Some of them started rolling on the ground and others beat their chests, saying this.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)