श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  2.28.7 
যে-দিন চলিব প্রভু সন্ন্যাস করিতে
নিত্যানন্দ-স্থানে তাহা কহিলা নিভৃতে
ये-दिन चलिब प्रभु सन्न्यास करिते
नित्यानन्द-स्थाने ताहा कहिला निभृते
 
 
अनुवाद
जिस दिन भगवान संन्यास लेने के लिए घर छोड़ने वाले थे, उन्होंने एकांत में नित्यानंद से बात की।
 
On the day when the Lord was about to leave home to take sanyasa, He spoke to Nityananda in private.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)