श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  2.28.67 
প্রভু নমস্করিতে আইলা প্রভু-ঘরে
আসিঽ সবে দেখে আই বাহির-দুযারে
प्रभु नमस्करिते आइला प्रभु-घरे
आसिऽ सबे देखे आइ बाहिर-दुयारे
 
 
अनुवाद
जब वे भगवान को प्रणाम करने गए तो उन्होंने माता शची को द्वार के बाहर बैठे पाया।
 
When he went to pay his respects to the Lord, he found Mother Shachi sitting outside the door.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)