श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  2.28.62 
জননীর পদ-ধূলি লৈঽ প্রভু শিরে
প্রদক্ষিণ করিঽ তানে চলিলা সত্বরে
जननीर पद-धूलि लैऽ प्रभु शिरे
प्रदक्षिण करिऽ ताने चलिला सत्वरे
 
 
अनुवाद
तब भगवान ने अपनी माता के चरणों की धूल अपने सिर पर ली और उनकी परिक्रमा करके तुरंत ही प्रस्थान कर दिया।
 
Then the Lord took the dust from his mother's feet on his head and after circumambulating her, immediately departed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)