श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  2.28.60 
যত কিছু বলে প্রভু, শচী সব শুনে
উত্তর না করে, কান্দে অঝোর নযনে
यत किछु बले प्रभु, शची सब शुने
उत्तर ना करे, कान्दे अझोर नयने
 
 
अनुवाद
माता शची चुपचाप प्रभु की बातें सुनती रहीं। उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया, बस लगातार आँसू बहाती रहीं।
 
Mother Shachi listened silently to the Lord's words. She did not reply, but simply continued to shed tears.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)