श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 58
 
 
श्लोक  2.28.58 
ব্যবহার-পরমার্থ যতেক তোমার
সকল আমাতে লাগে, সব মোর ভার”
व्यवहार-परमार्थ यतेक तोमार
सकल आमाते लागे, सब मोर भार”
 
 
अनुवाद
“मैं आपकी सांसारिक और आध्यात्मिक दोनों ज़रूरतों की पूरी ज़िम्मेदारी लेता हूँ।”
 
“I take full responsibility for your needs, both worldly and spiritual.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)