श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  2.28.5 
পরানন্দে বিহ্বল সকল ভক্ত-গণ
পাসরিঽ রহিলা সবে প্রভুর গমন
परानन्दे विह्वल सकल भक्त-गण
पासरिऽ रहिला सबे प्रभुर गमन
 
 
अनुवाद
सभी भक्तगण दिव्य आनंद में इतने डूब गए कि वे भूल गए कि भगवान अब चले जाएंगे।
 
All the devotees were so immersed in divine bliss that they forgot that the Lord would leave now.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)