श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  2.28.49 
আই জানিলেন মাত্র প্রভুর গমন
দুযারে বসিযা রহিলেন তত-ক্ষণ
आइ जानिलेन मात्र प्रभुर गमन
दुयारे वसिया रहिलेन तत-क्षण
 
 
अनुवाद
जब माता शची को यह ज्ञात हुआ कि भगवान के प्रस्थान का समय हो गया है, तो वे द्वार पर आकर बैठ गईं।
 
When Mother Shachi realized that it was time for the Lord to leave, she came and sat at the door.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)