भगवान ब्रह्ममुहूर्त में प्रस्थान के लिए उठे। अपनी नाक से वायु के प्रवाह को देखकर उन्होंने समझ लिया कि उनके प्रस्थान का शुभ समय आ गया है।
The Lord rose to depart at Brahmamuhurta. Observing the flow of air through his nose, he understood that the auspicious time for his departure had arrived.
तात्पर्य
ब्रह्म-मुहूर्त में, श्री गौरासुंदर ने अपनी सांस की अपनी नाक से गति को देखा और निर्णय लिया कि उनके प्रस्थान का शुभ समय आ गया है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥