वहाँ वे योग-निद्रा या रहस्यमय निद्रा में लीन हो गए, जबकि गदाधर और हरिदास पास में ही सो गए।
There he entered into Yoga-nidra or mystical sleep, while Gadadhara and Haridasa slept nearby.
तात्पर्य
श्री शचीदेवी ने श्रीधर और एक अन्य भाग्यशाली आत्मा के द्वारा भेंट किए गए लौकी और दूध से एक तैयारी तैयार की। उस तैयारी को लेने के बाद, गौरसुंदर बाद में रात में अपने शयनकक्ष में चले गए। जैसे ही वह सोए, गदाधर पंडित भी पास में सो रहे थे। वे सभी योग-निद्रा के प्रभाव में सो गए थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥