श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  2.28.22 
হেন আকর্ষণ প্রভু করিলা আপনি
কেবা কোন্ দিগ হৈতে আইসে নাহি জানি
हेन आकर्षण प्रभु करिला आपनि
केबा कोन् दिग हैते आइसे नाहि जानि
 
 
अनुवाद
प्रभु ने इतने सारे लोगों को आकर्षित किया कि कोई नहीं जानता था कि वे सब कहाँ से आये थे।
 
The Lord attracted so many people that no one knew where they all came from.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)