श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  2.28.21 
যতেক বৈষ্ণব আইসেন দেখিবারে
সবেই চন্দন মালা লৈঽ দুই করে
यतेक वैष्णव आइसेन देखिबारे
सबेइ चन्दन माला लैऽ दुइ करे
 
 
अनुवाद
जो भी वैष्णव उनसे मिलने आता था, वह अपने साथ चंदन की लकड़ी और फूलों की माला लाता था।
 
Every Vaishnav who came to meet him brought with him sandalwood and a garland of flowers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)