श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 196
 
 
श्लोक  2.28.196 
কাষ্ঠের পুতলী যেন কুহকে নাচায
এই-মত গৌরচন্দ্র মোরে যে বোলায
काष्ठेर पुतली येन कुहके नाचाय
एइ-मत गौरचन्द्र मोरे ये बोलाय
 
 
अनुवाद
भगवान गौरचन्द्र मुझे वैसे ही बोलने पर मजबूर कर रहे हैं जैसे कठपुतली का सरदार अपनी कठपुतलियों को नचाता है।
 
Lord Gaurchandra is forcing me to speak like a puppeteer makes his puppets dance.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)