श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 191
 
 
श्लोक  2.28.191 
আমার প্রভুর প্রভু শ্রী-গৌরসুন্দর
এ বড ভরসা চিত্তে ধরি নিরন্তর
आमार प्रभुर प्रभु श्री-गौरसुन्दर
ए बड भरसा चित्ते धरि निरन्तर
 
 
अनुवाद
श्री गौरसुन्दर मेरे प्रभु के भी प्रभु हैं, इसलिए मेरे हृदय में यह महान आशा है।
 
Shri Gaurasundara is the Lord of my Lord as well, hence this great hope is in my heart.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)