श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  2.28.19 
সে-দিনে চলিব প্রভু কেহ নাহি জানে
কৌতুকে আছেন সবে ঠাকুরের সনে
से-दिने चलिब प्रभु केह नाहि जाने
कौतुके आछेन सबे ठाकुरेर सने
 
 
अनुवाद
किसी को नहीं पता था कि भगवान उस दिन घर से चले जायेंगे, इसलिए सभी ने खुशी-खुशी उनकी संगति का आनंद लिया।
 
No one knew that Bhagavan would leave the house that day, so everyone happily enjoyed his company.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)