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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला
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श्लोक 166
श्लोक
2.28.166
ঽসহস্র-নামেঽ তে যে কহিলা বেদব্যাস
ঽকোন অবতারে প্রভু করেন সন্ন্যাসঽ
ऽसहस्र-नामेऽ ते ये कहिला वेदव्यास
ऽकोन अवतारे प्रभु करेन सन्न्यासऽ
अनुवाद
श्री वेदव्यास ने अपने विष्णुसहस्रनाम में वर्णन किया है कि भगवान अपने एक अवतार में संन्यासी के रूप में प्रकट होते हैं।
Sri Veda Vyasa has described in his Vishnu Sahasranama that the Lord appears as a Sanyasi in one of his incarnations.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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