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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला
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श्लोक 165
श्लोक
2.28.165
কিবা সে সন্ন্যাসি-রূপ হৈল প্রকাশ
পূর্ণ করিঽ তাহা বর্ণিবেন বেদব্যাস
किबा से सन्न्यासि-रूप हैल प्रकाश
पूर्ण करिऽ ताहा वर्णिबेन वेदव्यास
अनुवाद
भगवान के उस अद्भुत संन्यासी रूप का वेदव्यास द्वारा विस्तारपूर्वक वर्णन किया जाएगा।
That wonderful ascetic form of the Lord will be described in detail by Ved Vyasa.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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