श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 162
 
 
श्लोक  2.28.162 
সর্ব অঙ্গ শ্রী-মস্তক চন্দনে লেপিত
মালায পূর্ণিত শ্রী-বিগ্রহ সুশোভিত
सर्व अङ्ग श्री-मस्तक चन्दने लेपित
मालाय पूर्णित श्री-विग्रह सुशोभित
 
 
अनुवाद
उनका सुन्दर शरीर और सिर चंदन और पुष्प मालाओं से सुशोभित था।
 
His beautiful body and head were adorned with sandalwood paste and flower garlands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)