इस प्रकार भगवान ने छलपूर्वक केशव भारती को अपना शिष्य बना लिया और केशव भारती को बड़ा आश्चर्य हुआ।
In this way, God deceitfully made Keshav Bharti his disciple and Keshav Bharti was very surprised.
तात्पर्य
श्री गौरासुन्दर सभी अवतारों के मूल स्रोत हैं। वह सामान्य लोगों पर प्रकट नहीं होते हैं। सर्वप्रथम उन्होंने केशव भारती को संन्यास मंत्र से दीक्षा दी, और फिर लोगों को शिक्षित करने के लिए उन्होंने उनसे शिष्य के रूप में वही मंत्र ग्रहण किया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥