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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला
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श्लोक 154
श्लोक
2.28.154
ঽসর্ব-শিক্ষা-গুরু গৌরচন্দ্রঽ বেদে বলে
কেশব-ভারতী-স্থানে তাহা কহে ছলে
ऽसर्व-शिक्षा-गुरु गौरचन्द्रऽ वेदे बले
केशव-भारती-स्थाने ताहा कहे छले
अनुवाद
वेदों में कहा गया है कि श्री गौरचन्द्र ही सबके गुरु हैं। तब भगवान ने किसी बहाने से केशव भारती से कुछ कहा।
The Vedas state that Shri Gaurachandra is everyone's guru. Then, under some pretext, the Lord spoke to Keshav Bharati.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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