श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 153
 
 
श्लोक  2.28.153 
তবে সর্ব-লোক-নাথ করিঽ গঙ্গা-স্নান
আসিযা বসিলা যথা সন্ন্যাসের স্থান
तबे सर्व-लोक-नाथ करिऽ गङ्गा-स्नान
आसिया वसिला यथा सन्न्यासेर स्थान
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् भगवान ने गंगा में स्नान किया और संन्यास ग्रहण किया।
 
After that the Lord took bath in the Ganga and took renunciation.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)