vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला
»
श्लोक 151
श्लोक
2.28.151
ঽবোল বোলঽ করিঽ প্রভু করযে হুঙ্কার
ক্ষৌর-কর্ম নাপিত না পারে করিবার
ऽबोल बोलऽ करिऽ प्रभु करये हुङ्कार
क्षौर-कर्म नापित ना पारे करिबार
अनुवाद
इस प्रकार भगवान निरंतर गर्जना करते रहे, “हरि बोल!” इसलिए नाई अपना कार्य करने में असमर्थ हो गया।
Thus the Lord continued to roar, “Hari Bol!” Therefore the barber was unable to perform his work.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×