श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 149
 
 
श्लोक  2.28.149 
ঽবোলঽ ঽবোলঽ করিঽ প্রভু উঠে বিশ্বম্ভর
গাযেন মুকুন্দ, প্রভু নাচে নিরন্তর
ऽबोलऽ ऽबोलऽ करिऽ प्रभु उठे विश्वम्भर
गायेन मुकुन्द, प्रभु नाचे निरन्तर
 
 
अनुवाद
विश्वम्भर उठे और बोले, "जप करो! जप करो!" जैसे ही मुकुन्द ने गाना शुरू किया, भगवान लगातार नाचते रहे।
 
Vishvambhara stood up and said, "Chant! Chant!" As Mukunda began to sing, the Lord continued to dance.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)