श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 145
 
 
श्लोक  2.28.145 
অগোচরে থাকিঽ সব কান্দে দেব-গণ
অনন্ত ব্রহ্মাণ্ড-ময হৈল ক্রন্দন
अगोचरे थाकिऽ सब कान्दे देव-गण
अनन्त ब्रह्माण्ड-मय हैल क्रन्दन
 
 
अनुवाद
सभी देवता भी छिपकर रोने लगे। इस प्रकार सारा ब्रह्माण्ड रोने की ध्वनि से भर गया।
 
All the gods also began to weep in secret. Thus the entire universe was filled with the sound of weeping.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)