श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 143
 
 
श्लोक  2.28.143 
ভক্তের কি দায, যত ব্যবহারি-লোক
তাহারা ও কান্দিতে লাগিলা করিঽ শোক
भक्तेर कि दाय, यत व्यवहारि-लोक
ताहारा ओ कान्दिते लागिला करिऽ शोक
 
 
अनुवाद
भक्तों की तो बात ही क्या, सामान्य लोग भी विलाप करने लगे।
 
Forget about the devotees, even common people started lamenting.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)